tag:blogger.com,1999:blog-36839053.post5290735670869191940..comments2007-09-04T07:46:31.448-07:00Comments on चक्रधर की चकल्लस: हृदयहीन स्वाहवलंबन और अविवेकी स्वाभिमानAshok Chakradharhttp://www.blogger.com/profile/09746363048746219100noreply@blogger.comBlogger6125tag:blogger.com,1999:blog-36839053.post-64788342900417083512007-09-04T07:46:00.000-07:002007-09-04T07:46:00.000-07:00बढिया और दिलचस्प लगा , हिन्दी सम्मेलन को एक बार फ़ि...बढिया और दिलचस्प लगा , हिन्दी सम्मेलन को एक बार फ़िर से देखना । अगली कड़ियों का इंतज़ार रहेगा ।अनूप भार्गवhttp://www.blogger.com/profile/02237716951833306789noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36839053.post-44883900926020092922007-09-02T01:21:00.000-07:002007-09-02T01:21:00.000-07:00‘सम्मेलन समाचार’ को कई दिन तक एक एक कर देखा। आँखों...‘सम्मेलन समाचार’ को कई दिन तक एक एक कर देखा। आँखों देखा हाल -सा लगा। हिंदी के संदर्भ में महापुरुषों के कथन वाला जो भाग था ,इच्छा हुई कि इसे ज्यों का त्यों डेस्कटॊप पर वालपेपर-सा लगा कर सहेज लिया जाए। पर ऐसा कोई प्रावधान नहीं मिला। अभी तक यह लालसा शेष रह गई है।<BR/>आज उसी क्रम में इसे भी पढ़ा। सारी सामग्री के लिए धन्यवाद।डॊ. कविता वाचक्नवीhttp://www.blogger.com/profile/02037762229926074760noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36839053.post-91779352324500430372007-09-01T02:21:00.000-07:002007-09-01T02:21:00.000-07:00लहर नई है अब सागर मेंरोमांच नया हर एक पहर मेंपहुँच...लहर नई है अब सागर में<BR/>रोमांच नया हर एक पहर में<BR/>पहुँचाएंगे घर घर में<BR/>दुनिया के हर गली शहर में<BR/>देना है हिन्दी को नई पहचान<BR/>जो भी पढ़े यही कहे<BR/>भारत देश महान भारत देश महान ।<BR/><A HREF="http://nishikantworld.blogspot.com" REL="nofollow">NishikantWorld</A>Nishikant Tiwarihttp://www.blogger.com/profile/01492698893838649166noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36839053.post-76096494133422929372007-08-27T18:44:00.000-07:002007-08-27T18:44:00.000-07:00तीन दिन के अवकाश (विवाह की वर्षगांठ के उपलक्ष्य मे...तीन दिन के अवकाश (विवाह की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में) एवं कम्प्यूटर पर वायरस के अटैक के कारण टिप्पणी नहीं कर पाने का क्षमापार्थी हूँ. मगर आपको पढ़ रहा हूँ. अच्छा लग रहा है.<BR/><BR/><BR/>-ब्लेंक पोस्ट भी सब कुछ कह गई, भाई साहब,.Udan Tashtarihttp://www.blogger.com/profile/06057252073193171933noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36839053.post-15459678067194650932007-08-27T08:17:00.000-07:002007-08-27T08:17:00.000-07:00आपकी लेखनी का अपना स्टाइल है जो बहुत कुछ थोड़े में ...आपकी लेखनी का अपना स्टाइल है जो बहुत कुछ थोड़े में कह देता है…।Divine Indiahttp://www.blogger.com/profile/14469712797997282405noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-36839053.post-8218143269931355392007-08-27T04:09:00.000-07:002007-08-27T04:09:00.000-07:00ऐसा लगा हम भी आपके साथ अमरीका घूम कर आ गये. यही आप...ऐसा लगा हम भी आपके साथ अमरीका घूम कर आ गये. यही आपके शब्दों की ताकत है. गद्य हो या पद्य. मजा तो अनिवार्य है ही.Basant Aryahttp://www.blogger.com/profile/15804411384177085225noreply@blogger.com