Tuesday, May 26, 2009

‘टर्निंग पॉइंट’

प्रिय एवं आदरणीय मित्रो,

इन दिनों इंडिया हैबिटेट सैंटर द्वारा ‘टर्निंग पॉइंट’ नामक एक मासिक कार्यक्रम श्रृंखला चलाई जा रही है। इसके अंतर्गत कला-संस्कृति क्षेत्र के दो प्रतिनिधि व्यक्तित्वों की श्रोताओं के सम्मुख बातचीत आयोजित की जाती है। इस सिलसिले को जारी रखते हुए भरतनाट्यम, सिनेमा एवं रूपंकर कलाओं के महत्वपूर्ण विद्वानों का संवाद आयोजित किया गया। उनके संवाद से उस विशेष कला-रूप की विकास यात्रा श्रोताओं के सामने आई, श्रोताओं ने भी बातचीत में भागीदारी की। इस बार डॉ. कन्हैयालाल नन्दन के साथ बात करने के लिए मुझे भी आमंत्रित किया गया है।

इंडिया हैबिटेट सैंटर द्वारा बनाया गया निमंत्रण पत्र इस मेल के साथ संलग्न है। यदि दिल्ली में हों और समय मिले तो आइए। हिन्दी कविता की विकास यात्रा के कुछ नए पन्ने खुल सकते हैं और कुछ नए पन्ने आप भी जोड़ सकते हैं।

लवस्कार
अशोक चक्रधर


4 comments:

काजल कुमार Kajal Kumar said...

सूचना के लिए धन्यवाद.

neeshoo said...

अशोक जी इस जानकारी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ।हिन्दी साहित्य के विकास के लिए इस तरह के प्रयोजन से आवश्यक है ।

रावेंद्रकुमार रवि said...

निमंत्रण के लिए धन्यवाद!
कार्यक्रम की सफलता के लिए शुभकामनाएँ!

anupam mishra said...

कंगाली के दौर में इनविटेशन तो दे दिया....कुछ पैसों वैसों का जुगाड़ करा दिया होता...तो ब्लूलाइन में ही बैठ कर आ जाता