कारे कान्हा प्यारे क्यूं?
नैन हुए जलधारे क्यूं
कोई किसी को मारे क्यूं?

तुम इतने बेचारे क्यूं?
उनके वारे न्यारे क्यूं?
हम तो ऐसे कभी न थे
बदल गए हम सारे क्यूं?
पत्ती से पूछे चिड़िया
पेड़ की खातिर आरे क्यूं?
जिनके रहते हिम्मत थी,
वे ही हिम्मत हारे क्यूं?
दिल ही जिनके बहरे हैं
दिल से उन्हें पुकारें क्यूं?
उनके लिए महल कोठी
तुझको ईंट और गारे क्यूं?
गंगा शीश झुकाय नहीं
सागर चरण पखारे क्यूं?
सहने की भी सीमा है
मिलते नहीं सहारे क्यूं?
आंखों के मीठे सपने
बहकर हो गए खारे क्यूं?
रात में बादल धुंध धुआं
दिन में दिखते तारे क्यूं?
सन्नाटों से गूंज रहे
गांव गली गलियारे क्यूं?
गोरी से दरपन पूछे
कारे कान्हा प्यारे क्यूं?
कोई किसी को मारे क्यूं?

तुम इतने बेचारे क्यूं?
उनके वारे न्यारे क्यूं?
हम तो ऐसे कभी न थे
बदल गए हम सारे क्यूं?
पत्ती से पूछे चिड़िया
पेड़ की खातिर आरे क्यूं?
जिनके रहते हिम्मत थी,
वे ही हिम्मत हारे क्यूं?
दिल ही जिनके बहरे हैं

दिल से उन्हें पुकारें क्यूं?
उनके लिए महल कोठी
तुझको ईंट और गारे क्यूं?
गंगा शीश झुकाय नहीं
सागर चरण पखारे क्यूं?
सहने की भी सीमा है
मिलते नहीं सहारे क्यूं?
आंखों के मीठे सपने
बहकर हो गए खारे क्यूं?
रात में बादल धुंध धुआं

दिन में दिखते तारे क्यूं?
सन्नाटों से गूंज रहे
गांव गली गलियारे क्यूं?
गोरी से दरपन पूछे
कारे कान्हा प्यारे क्यूं?


19 Comments:
बहुत ही स-रस रचना.
जिंदगी की कड़वी सच्चाइयों के साथ कन्हैया की बांसुरी की मीठी तान सुनाई दी। मज़ा आ गया सर!
तुम हो इतने प्यारे क्यूं?
श्वेत धवल गंगा थी बहती
उसमे गंदे नाले क्यू..?
यू तो संसद बडी साफ़ है
यहा बदबू वाले सारे क्यू..?
खुशबू फ़ूलो की सुंघवा कर
बाट रहे अंगारे क्यू..?
लुच्चो टुच्चो से भरे हुये है
सत्ता के गलियीरे क्यू..?
सर,
आप की कविताओं के लिए इस कमेंट वाले बॉक्स की जरूरत शायद नहीं है.
guru dev..thoda humein bhi likhanaa sika dijiye//
आंखों के मीठे सपने
बहकर हो गए खारे क्यूं?
वाह वाह.. सुबहान कान्हा.. वाह
चाचू मुझे तो आपकी रचना के साथ साथ अरुण भैया की रचना भी बहुत अच्छी लगी...मज़ा आ गया पढ़कर...
सुनीता(शानू)
बहुत बढिया...आज की सच्चाई के साथ कृष्ण जी की याद,बंसी की मी्ठी तान बहुत अच्छी लगी।
cool
गुरुवर थोड़ा हमारे चिट्ठे पर आकर हमारी रचनाओं पर दयादृष्टि डालें।
और यदि संभव हो तो थोड़ा मार्ग-दर्शन दें।
व्रंदावन का क्रष्ण कनैया
सब की आँखों का तारा.
देवी
आप हमें बतलायें आपके
दीवाने हैं सारे क्यूँ
आप हमें बतलायें आपके
दीवाने हैं सारे क्यूँ
ashok ji aaj pehli baar aapka blog dekha hai,aur kahney me hichkichaungi nahi ki bahut pehley aap unaao aaye they aur hum saari saheliyon ko aape crush ho gaya thaa,
गुरुदेव नमस्कार....
वैसे आपको कई बार टीवी पर सुना है...
लेकिन पहली बार आपके ब्लॉग पे पहुँच कर लग रहा है कि जैस कोई मोर्चा फतह कर लिया हो...
टीवी पर देखना और बात है और यूँ सीधे-सीधे आपको पढना और बात है ...
अभी भी पूर्ण उर्जा से आप डटे हुए हैँ मैदान में...इसके लिए बधाई..
全程代理各航国际机票、国内机票、特价国际机票、留学生机票、团购优惠!网址:http://www.guojijipiao.bj.cn
runescape money runescape gold as runescape money buy runescape money runescape gold runescape gold runescape money buy runescape money runescape money runescape gold wow power leveling wow powerleveling Warcraft Power Leveling Warcraft PowerLeveling buy runescape gold buy runescape money runescape itemsrunescape accounts runescape gp dofus kamas buy dofus kamas Guild Wars Gold buy Guild Wars Gold lotro gold buy lotro gold lotro gold buy lotro gold lotro gold buy lotro gold runescape money
wow gold
wow gold
wow gold
wow gold
wow power leveling
wow power leveling
wow power leveling
wow power leveling
World of Warcraft Gold
wow gold
wow power leveling
wow gold
wow gold
wow gold
wow power leveling
wow power leveling
Rolex Replica
rolex
Rolex Replica
rolex
Rolex
租房
租房
北京租房
北京租房
changyongkuivip
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home